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A note to parents – पतन का कारण

श्रीकृष्ण ने एक रात को स्वप्न में देखा कि, एक गाय अपने नवजात बछड़े को प्रेम से चाट रही है। चाटते-चाटते वह गाय, उस बछड़े की कोमल खाल को छील देती है । उसके शरीर से रक्त निकलने लगता है । और वह बेहोश होकर, नीचे गिर जाता है। श्रीकृष्ण प्रातः यह स्वप्न,जब भगवान श्री नेमिनाथ को बताते हैं । तो, भगवान कहते हैं कि :-

यह स्वप्न, पंचमकाल (कलियुग) का लक्षण है ।

कलियुग में माता-पिता, अपनी संतान को,इतना प्रेम करेंगे, उन्हें सुविधाओं का इतना व्यसनी बना देंगे कि, वे उनमें डूबकर, अपनी ही हानि कर बैठेंगे। सुविधा, भोगी और कुमार्ग – गामी बनकर विभिन्न अज्ञानताओं में फंसकर अपने होश गँवा देंगे।

आजकल हो भी यही रहा है। माता पिता अपने बच्चों को, मोबाइल, बाइक, कार, कपड़े, फैशन की सामग्री और पैसे उपलब्ध करा देते हैं । बच्चों का चिंतन, इतना विषाक्त हो जाता है कि, वो माता-पिता से झूठ बोलना, बातें छिपाना,बड़ों का अपमान करना आदि सीख जाते हैं ।

☝🏼 याद रखियेगा ! 👇🏽

संस्कार दिये बिना सुविधायें देना, पतन का कारण है।
सुविधाएं अगर आप ने बच्चों को नहीं दिए तो हो सकता है वह थोड़ी देर के लिए रोए।
पर संस्कार नहीं दिए तो वे जिंदगी भर रोएंगे।

3 thoughts on “A note to parents – पतन का कारण

  • You could definitely see your expertise in the work you write. The world hopes for more passionate writers like you who are not afraid to say how they believe. Always go after your heart.

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  • Glad to be one of the visitors on this awesome web site : D.

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  • It’s arduous to search out educated folks on this matter, but you sound like you realize what you’re talking about! Thanks

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