माँ तू एक पेड़ है
माँ तू एक पेड़ है
तेरी छांव में मैं रहू उम्र भर
तेरी डाली से निकला हु मैं
तुझी से जिंदा हु मैं
कभी सूख जाउ पत्तो सा
फिर भी टूट कर तेरी गोद में रहू
धूप हो बारिश तुझसे लिपट जाउ मैं,
हवा जब मुझे उड़ा ले जाये तुझी में चिपक जाउ मैं,
तेरी जड़ मैं समा जाउ मैं,
तुझसे शुरू हु तुझ ही पर खत्म हो जाउ मैं ,
तेरे आँचल सा फैला है विस्तार तेरा,
मुझमे तू है तुझसे है पूरा सन्सार मेरा ,
माँ तू एक नदी है
तेरा एक कतरा हु मैं,
तुझमे बह रहा हु मैं,
तुझसे कह रहा हु मैं
की ऑक्सीजन हो तुम मेरी
पिता हाइड्रोजन है
तेरी भाप बन जाउ मैं
मिटने के बाद ,
कभी अलग न होउ
तुझमे सिमटने के बाद,
माँ धार का हिस्सा है प्यार तेरा
मुझसे तू तुझमे है पूरा संसार मेरा
great points altogether, you simply received a brand new reader. What could you recommend about your submit that you just made some days in the past? Any positive?
I was studying some of your blog posts on this site and I think this web site is really instructive! Keep on putting up.